caricature

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ya! its me

सोमवार, अगस्त 25

अखबार में पढ़ा की किसी राम की सेना ने ऍफ़ एम् हुस्सेन की पेंटिग्स को किसी एक्सिबिशन में नुक्सान पहुँचाया हुसेन ने निश्चित रूप से हिंदू देवी देवताओं की अपमानजनक पेंटिंग बनाकर बहुसंख्यक हिंदू मानस की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाई थी और ये उसका विरोध भर था जिससे मैं सहमत हूँ अगर हुसेन में इतनी ही पेंटिंग बनाने की चाह है तो क्यों नही वो एक बार मुहम्मद साहब की पेंटिंग बनातें पेंटिंग बनातें ही हुसेन साहब को पता चल जाएगा की पेंटिंग _पेंटिंग में कितना फर्क होता है हिंदू देवी देवताओं की पेंटिंग बनाने पर तो सिर्फ़ उनकी पैनटिन फटी थी मुहम्मद साहब की पेंटिंग बनाते ही वो ख़ुद कितना फट जाते हैं ये देखने के लिए शायद वो जिन्दा ही ना रहे

इस राम की सेना को मैं उनके इस काम के लिए धन्येवाद देता हूँ अगर वो मुझे पढ़ रहे हैं तो मैं उनका ध्यान एक दूसरी समस्या की तरफ़ भी दिलाता हूँ दिल्ली मैं मैंने जगह जगह देखा है की लोग अपनी दीवारों को लोगो द्वारा गन्दा किए जाने से बचाने के लिए देवी देवताओं की तस्वीरों को लगा देते है जिससे देवी देवताओं का अपमान होता है क्या आप निकट भविष्य मैं कुच्छ गंभीर उठायेगे ?

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