मेहमान का पन्ना
हमारे देश में मेहमानों को देवता स्वरुप माना जाता है लेकिन ये बात सभी मेहमानों पर लागू नही होती ये सिर्फ उन मेहमानों के लिए होती है जो मेजबान के साथ ऐसा सुलूक करते हैं की मेजबान ये चाहे की ऐसे मेहमान अगर उसके घर कभी कभार आते हैं तो वो आराम से झेल लेगा. लेकिन अगर मेहमान ऐसा आ जाये कि वो गले कि फांस बन जाये तो आदमी ये सोचता हैं कि भगवान मुझे ऐसे मेहमानों से बचाओ. खैर ये तो हुई इंसानों की बात पर हमारे देश में सुदूर देशों से जो पक्षी मेहमान की तरह आते हैं भला हम उनकी मेहमान नवाजी करने की बजाए उन्हें खा क्यों जाते हैं सोचने की बात है सोचियेगा जरूर.......
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