caricature

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ya! its me

गुरुवार, सितंबर 25

आप को मालूम है हम जिसे आम भाषा में आम जनता कहतें हैं क्या करती है घटना के बाद बड़ी बड़ी बातें करती है फिर सब अपने अपने घर जातें हैं और लम्बी तान कर सो जातें हैं और जब बदलाव करने का वक़्त आता है मतलब जब चुनाव का वक़्त आता तो छुट्टी का फायदा उठाते हैं पिकनिक मनाने जातें है दोस्तों के घर जातें हैं पर वोट देने नहीं जाते ज्यादातर जो लोग वोट देने जाते हैं उनकी राजनितिक समझ इतनी विकसित नहीं होती सबके लिये नहीं कह रहा हूँ उन लोगों के कह रहा हूँ जो कम पढ़े लिखे हैं वो उन्ही नेताओं को चुनते हैं जो उनका तात्कालिक फायदा करवा सके देशहित की बात ना तो ऐसे नेता सोच सकते और ना ही उनको चुनने वाले लोग परिणाम हमें हर पांच बरस में उन्ही चोरों और डाकुओं में से मंत्री चुनने पड़ते हैं और येही आर बार होता है

सोमवार, अगस्त 25

अखबार में पढ़ा की किसी राम की सेना ने ऍफ़ एम् हुस्सेन की पेंटिग्स को किसी एक्सिबिशन में नुक्सान पहुँचाया हुसेन ने निश्चित रूप से हिंदू देवी देवताओं की अपमानजनक पेंटिंग बनाकर बहुसंख्यक हिंदू मानस की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाई थी और ये उसका विरोध भर था जिससे मैं सहमत हूँ अगर हुसेन में इतनी ही पेंटिंग बनाने की चाह है तो क्यों नही वो एक बार मुहम्मद साहब की पेंटिंग बनातें पेंटिंग बनातें ही हुसेन साहब को पता चल जाएगा की पेंटिंग _पेंटिंग में कितना फर्क होता है हिंदू देवी देवताओं की पेंटिंग बनाने पर तो सिर्फ़ उनकी पैनटिन फटी थी मुहम्मद साहब की पेंटिंग बनाते ही वो ख़ुद कितना फट जाते हैं ये देखने के लिए शायद वो जिन्दा ही ना रहे

इस राम की सेना को मैं उनके इस काम के लिए धन्येवाद देता हूँ अगर वो मुझे पढ़ रहे हैं तो मैं उनका ध्यान एक दूसरी समस्या की तरफ़ भी दिलाता हूँ दिल्ली मैं मैंने जगह जगह देखा है की लोग अपनी दीवारों को लोगो द्वारा गन्दा किए जाने से बचाने के लिए देवी देवताओं की तस्वीरों को लगा देते है जिससे देवी देवताओं का अपमान होता है क्या आप निकट भविष्य मैं कुच्छ गंभीर उठायेगे ?

मंगलवार, अगस्त 19

ये ब्लॉग शुरू करने से पहले मैं ये बता दूँ की इस ब्लॉग को शुरू करने के पीछे मेरा मकसद अपने जैसे सोच के लोगो को एक मंच प्रदान करना है जो देश में पैदा होने वाले विभिन्न मुद्दों पर अपनी बेबाक राए रख सकें चाहे ये राये कितनी भी वामपंथी हो दखिन्पंथी हो सैम्पल के तौर पर यदि मैं ये पूछूं के जम्मू कश्मीर में हाल ही घटी घटनो के लिए आप किसे जादा जिम्मेवार मानते हैं कश्मीर के अलगाव वादी पार्टी को या जम्मू की संघर्ष समिति को या फिर कांग्रेस को मैं इस मुद्दें पर आपके कमेन्ट का