शनिवार, फ़रवरी 27
माओवाद कितना सच कितना झूठ
चिदम्बरम जी ने जब से नक्सलवादियों, माओवादियों के खिलाफ़ जंग का ऐलान किया है तब से माओ वादियों के हमले पहले से और तेज हो गए हैं ।शायद ये नक्सलवादी ग्रहमंत्री के फ़ोलादी इरादों से कुछ इस कदर डर गए हैं कि उन्हें अब अपना अंत निकट दिखाई दे रहा है इसलिए वो अधिक से अधिक हत्याएं करके आम जनमानस को डरा कर सरकार के इरादों को शिथिल करना चाहते हैं। माओवादी प्रत्यक्ष रूप से तो सिर्फ उन्ही लोगों कि हत्याएं कर रहे हैं जो किसी ना किसी रूप से सरकार से जुड़े हैं। ज्यादातर या तो पुलिस वाले, सुरक्षा बल के जवान या फिर नक्सलियों द्वारा करार दे के मार दिए जाने वाले मुखबिर हैं। इनके बीच में पिस रहे हैं आम लोग जिनका कोई भी कसूर नही है जबकि नक्सल वादियों का ये ही दावा है कि वो जो लड़ाई लड़ रहे हैं वो जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। ये ऐसे कौन से आधिकार हैं जिन्हें आम जनता के लिए पाने के लिए आम जनता को ही मारा जा रहा है।आगे जारी....
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