caricature

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ya! its me

शुक्रवार, फ़रवरी 12

अपनी पिछली पोस्ट मैं में मैंने गंगा में हो रहे प्रदूषण के मुद्दे पर मीडिया की भूमिका की बात की थी इस मामले में कभी भी मीडिया ने सकारात्मक काम नही किया अभी भी वो इस मुद्दे को भुना ही रहा है। जब तक कुम्भ शुरू नही हुआ तभी तक मीडिया की नज़र में गंगा में प्रदुषण था । जैसे ही कुम्भ शुरू हुआ मीडिया को इस से संबंधित अन्य मनोरंजक सामग्री मिल गई इसलिए कुम्भ ख़तम होने तक ये चलेगा और उसके बाद तो गंगा मैया मीडिया से ओझल ही हो जाएगी ...................

1 टिप्पणी:

Thinking ने कहा…

hmm...this whole blog is in HINDI....can anyway we can translate it?